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दिल  की साख पर उम्मीदों नें पंख फैलाये हैं , लगता है !उनसे मिलने के मौसम लौट आये हैं !                                     -राधा(आशा ) ...
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***अपने बेटे के लिये****

23:39
माँ  मन की आवाज़ या दुआंयें। …!!! तुम्हारे आने की तारीखें हम गिना करते हैं.…, सोते जागते सपनों मैं बुना करते हैं !! जिस्म ...
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*** इल्जाम ***

22:19
************** इल्जाम ***************** जिनकी खातिर खुद को, मिटा लिया हमने, हमारी खुद्दारी पर क्यों ,वो इल्जाम लगाते हैं! खबाब...
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..सिर अपना सज़दे में

21:24
. .सिर अपना सज़दे में                 मैने,उन्ही के झुका दिया,                          रूह को मेरी जिस्म का जिन्होने,                 ...
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