माँ मन की आवाज़ या दुआंयें। …!!! तुम्हारे आने की तारीखें हम गिना करते हैं.…, सोते जागते सपनों मैं बुना करते हैं !! जिस्म से यहाँ है हम पर ,रूह से दुआ बन , साथ तुम्हारे हर पल, रहा करते हैं। -राधा श्रोत्रिय (२६ /०३ /२०१५ ) ***मैं और मेरा वेटा ***
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